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शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की जयंती मनाई


मकराना (मोहम्मद शहजाद)। भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाइजेशन रजिस्टर्ड के मुख्य संस्थापक सत्यनारायण प्रजापति ने अपने कैंप कार्यालय मिठड़ी में स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे कम मात्र तेरह साल चार महीने की उम्र में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर बालक प्रजापति रामचंद्र विद्यार्थी की जन्म जयंती मनाई।

शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के बारे में सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि वे उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले के गांव नौतन हतियागढ गांव में बाबूलाल प्रजापति के घर रामचंद्र विद्यार्थी का जन्म 1 अप्रैल 1929 को हुआ। रामचन्द्र विद्यार्थी सातवीं कक्षा में पढ़ते थे और आजादी के दीवाने थे। 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अंग्रेजों भारत छोड़ों आंदोलन का ऐलान किया था। रामचन्द्र विद्यार्थी इस आंदोलन में कूद पडे थे और उन्होंने 14 अगस्त 1942 को ही देवरिया कचहरी पर तिरंगा फहरा दिया था। उसी समय अंग्रेजों ने उनको एवं उनके साथियों को गोली का शिकार बना दिया था, जिसमें वे शहीद हो गए। उन्होंने मात्र 13 वर्ष की उम्र में देश के लिए अपनी जान दे दी। मगर बड़े खेद का विषय है कि इतिहास में इनके बारे में बहुत कम जानकारी है, और न ही सरकारी तौर पर इन्हे याद किया जाता है। भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाइजेशन रजिस्टर्ड देशभर की प्रदेश एवम् जिला इकाइयों में शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की जन्म जयंती मनाकर उन्हें याद करता है।

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