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राजस्थान की भूमि वीरांगनाओं और संत महात्माओं की भूमि है-संत रामवल्लभ महाराज


रूण फखरुद्दीन खोखर

नागौर की धरती पर कई महिलाएं संत हुई है, उनसे लेनी चाहिए हमें प्रेरणा

रूण-राजस्थान की धरती वीरों और संतों की भूमि है, यहां पर एक से बढ़कर एक संत हुए हैं ,वही नागौर की धरती पर संतो के रूप में कई महिलाएं संत हुई हैं जिनको आज भी श्रद्धा के अनुसार याद किया जाता है, हमें ऐसी संत महिलाओं से जीवन में प्रेरणा लेनी चाहिए यह विचार निकटवर्ती गांव सेनणी में एक धार्मिक समारोह में नोखा चांदावता के युवा संत रामवल्लभ महाराज ने कहे उन्होंने कहा कि नागौर की धरती पर कर्मा बाई ,फूलांबाई, मीराबाई, राणा बाई सहित कई महिलाओं ने भक्ति के माध्यम से ईश्वर भक्ति में लीन होकर ईश्वर दर्शन किए,

आजकल की महिलाएं डीजे और ढोल पर नाचने का काम करती हैं हमें ऐसा नहीं करना चाहिए, अगर आपको नाचना है तो भगवान की प्रेम भक्ति में सत्संग समारोह में लीन होकर नाचो इससे आपको पुण्य मिलेगा। इस मौके पर इन्होंने भक्ति से सराबोर एक से बढ़कर एक भजन सुना कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया, इससे पहले जनाणा से आए भीरा महाराज ने रिदम पर सुरेश और ऑर्गन पर सुखाराम के साथ मिलकर संत महात्माओं के भजन सुनाएं।

कार्यक्रम की शुरुआत में नोखा चांदावता के त्यागी संत और गुलाब दास आश्रम के महंत राम प्रकाश महाराज और राम वल्लभ महाराज का फूल माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर महिलाओं ने बधावना गाकर स्वागत किया। रामभरोस मुंडेल ने बताया इस मौके पर मनीराम डूकिया, सीताराम, पूसाराम, मदन राम, भीखाराम ग्वाला, पप्पू राम सुथार, भोम सिंह और मनफूल सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। बाद में यहां पर भोज का आयोजन भी रखा गया।

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