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हनुमान गोशाला चिताणी में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ


रूण फखरुद्दीन खोखर
कलश यात्रा में उमड़े श्रद्धालु

प्रेम से रहने पर अपना घर होता है स्वर्ग से सुंदर संत चेतनराम महाराज

रूण-पंचायत समिति मूंडवा के गांव चीताणी की हनुमान गोशाला में संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का शुभारंभ संतों के सानिध्य में गुरुवार सुबह हुआ।

आयोजकों ने बताया कि ठाकुरजी के मंदिर से गौशाला कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई ,जिसमें महिलाओं ने कलश धारण करके और मंदिर पुजारी ने सर पर भागवत कथा को रखकर गाजे बाजे के साथ जयकारे लगाते हुए कथा स्थल पहुंचे, यहां पर कथावाचक संत चेतनराम महाराज के मुखारविंद से कथा का शुभारंभ हुआ ,इन्होंने सबसे पहले भागवत कथा सुनने के फायदे बताते हुए धुंधुकारी का प्रसंग विस्तार से् सुनाते हुए कहा कि भगवान का भजन व जीवन में सत्कर्म नही करने से धुंधुकारी प्रेत बन गया, कथा नहीं सुनने से प्रेत योनि में गया , मगर संत महापुरुषों द्वारा समझाने पर भागवत कथा को सुना और उनका जीव भगवान के धाम को प्राप्त हुआ ।


संत ने कहा आत्म हत्या अपने शरीर को फांसी के फंदे से लटका लेना या रेल से शरीर कटवा लेना नही होता हैं,आत्म हत्या का मतलब है सब कुछ होने के बाद भगवान का भजन नही करना यह बड़ा पाप है,आत्मा के उद्धार के लिए कुछ नही करना यही आत्म हत्या है । इस दौरान उन्होंने कहा कि अपना घर भी स्वर्ग से सुंदर हो सकता है लेकिन हमें
घर में प्रेम से रहना पड़ेगा, तभी घर स्वर्ग होगा ।

जिस घर में क्लेश, लड़ाई, झगड़े, ईर्ष्या बना रहे तो वो घर नर्क के समान है। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। इस श्रीमद् भागवत कथा का समय दोपहर 12 से 4 बजे तक रखा गया है, वही रात्रि 8 से 10 बजे तक बाल संत ओंकारदास द्वारा नानी बाई के मायरे का आयोजन रखा गया है।

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