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पश्चिम की संस्कृति को छोड़ो और भारतीय संस्कृति से नाता जोड़ो सुदर्शन महाराज


रूण फखरुद्दीन खोखर

भागवत कथा पूर्णाहुति पर आज निकलेगी शोभायात्रा

रूण-गांव रूण में देशवाल मार्ग पर स्थित श्याम मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के षष्ठम दिवस की भागवत कथा में कथावाचक सुदर्शन महराज ने कहां की हमारी भावी पीढ़ी भारतीय संस्कृति को भूल कर पश्चिमी संस्कृति को अपना रही है और इसी संस्कृति की वजह से हमारी पीढ़ियां धर्म को भूल गई है और बर्बादी की ओर जा रही है इसीलिए हमें पश्चिमी संस्कृति को छोड़कर भारतीय संस्कृति को अपनाना चाहिए

इसी प्रकार इन्होंने कहा कि वर्तमान दौर शिक्षा का दौर है इसीलिए लड़कों के साथ साथ लड़कियों को भी पढ़ा कर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सरकार के इस नारे को सार्थक करना चाहिए, इसी प्रकार महाराज ने विशेषकर महिलाओं से कहा कि अपनी बेटियों को भारतीय परिधान पहनाने की आदत डालनी चाहिए ,इसी प्रकार इन्होंने महारास लीला, श्रीकृष्ण विवाह महोत्सव, कालिया नाग मर्दन , गोपी उद्धव संवाद संगीतमय भजनों के माध्यम से सुनाकर विस्तार से समझाए।

इसी प्रकार इन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में माता-पिता और गौ माता की हालत दयनीय है इसीलिए हमें ज्यादा से ज्यादा अपने माता-पिता की सेवा और गौर सेवा करने के लिए आगे आना चाहिए और गायों की रक्षा पर अपने विचार व्यक्त किए ।प्रदीप रिणवा ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा आज सोमवार को संपूर्ण होगी इसी कड़ी में पूर्णाहुति के बाद कथा स्थल से मुख्य बाजारों से होते हुए भोमियासा महाराज के मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी।

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