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सियाराम बाबा की बगीची पर चलरही भागवतकथा मे कंसमर्दन के बादश्रीकृष्णने किया रुकमणी से विवाह ।

संगीतमय विदाई गीत सुन भाव विभोर हुई महिलाएं ।
फुलेरा (दामोदर कुमावत) श्रीरामनगर स्थित सियाराम बाबा की बगीची पर गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर संत श्री श्री 1008 बृज भूषण दास महाराज व श्री श्री 1008 महंत त्रिलोकी दास महाराज के सानिध्य में चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ महोत्सव के दौरान प्रातः शिव रुद्राभिषेक के बाद दोपहर में व्यासपीठ से बालस्वरूप भगवताचार्य चंदन कृष्ण शास्त्री महाराज ने भागवत कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक व मार्मिक वृतांत के साथ ही कंस के बढ़ते अत्याचारों को लेकर श्रीकृष्ण और कंस के बीच भयानक युद्ध जो झांकी स्वरूप कंस वध दिखायां।

और गोपियों संग रास रचाते हुए श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह धूमधाम गाजे-बाजे सहित जीवंत झांकी के रूप में दर्शाया गया तथा रुकमणी विदाई के समय संगीतमय विदाई गीत पर श्रद्धालु महिलाओं के नयन जलधार बहते हुए नजर आए। व्यासपीठ से श्री कृष्ण शास्त्री महाराज ने श्री कृष्ण की लीलाओं का सरल भाषा में वर्णन करते हुए बताया कि भक्त का अटूट विश्वास परमात्मा पर हो तो भगवान भक्तों की सहायता करते हैं।

इस अवसर पर श्री कृष्ण की जीवंत झांकी भी सजाई गई, तथा संगीतमय कथा में विभिन्न मनभावन धुनों पर कथा सुनाई गई, जिसे सुनकर श्रद्धालु नर नारी झूम उठे। इस भागवत कथा में संगीत एवं वाद्य यंत्रों पर झारखंड से नवीन, राजेश राठौड़, अर्जुन सोलंकी व संदीप यह सभी इंदौर निवासी, बैंजो की बोर्ड ढोलक आदि पर विभिन्न धुनों का निर्माण कर कथा को संगीतमय बना रहे हैं ।

आज श्री कृष्ण की भूमिका कुमारी हर्षिका जोशी, कंस की भूमिका शिवम पाठक ने बड़े दमदार जोशीली संवाद के रूप में प्रस्तुति दी इस अवसर पर पुजारी हरिदास, जयराम कुड़ी चैनपुरा कुंदन महाराज, रामगोपाल शर्मा, महेश चंद्र गर्ग, पंडित महेश जोशी, राजेशशर्मा,एएस मल्होत्रा , रूपेश मौर्य,सहित सैकड़ों श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे।

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