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जमाअत गिलखन अफरोज चौरासी में समाज उत्थान को लेकर कई प्रस्ताव हुए पारित


मकराना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान के गुलाबपुरा स्थित हाजी इदु जी के घर शादी समारोह में जमाअत गिलखन अफरोज चौरासी के कई अनसुलझे फैसले व रीति रिवाजों को हल किया गया, साथ ही बहुप्रतीक्षित मांग पौराणिक मान्यताओं में शामिल शादी समारोह में हिस्से बांटने को लेकर कौम ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए  हिस्से के नाम पर बटने वाले बर्तन पूरी तरह से बंद कर दिए।

इसी क्रम में एक और सराहनीय फैसले के तहत एक शादी एक रसीद का फैसला लिया जिसमें दुल्हन व दूल्हे की सगाई से लेकर विवाह तक अलग अलग सभी रसीदों को गोठ सहित बंद कर, दुल्हन के 2500 रुपये व दूल्हे के 5000 हजार रुपये कौमी इमदाद फंड में रसीद बनाई जायगी जिससे बेफिजूल के खर्चे तो बंद होंगे ही बार बार देने वाले फंड व समय से निजात मिलेगी। इसी क्रम में लंबे समय से बढ़ती कौम में मेम्बरों की कमी को देखते हुए इन नए मेम्बरों की भी घोषणा की गई। जिसमें डीडवाना से इकरामुद्दीन अशरफी को मेम्बर के साथ ही जमात मीडिया प्रभार का कार्ये सौंपा गया। हाजी मोहम्मद अफज़ल जोधपुर, सीकर से सिराजुद्दीन बेहलीम, झालरापाटन से मुनव्वरा हुसैन, आसींद से मोहम्मद यासीन व आजाद मोहम्मद, चितौड़ से मोहम्मद सलीम, मकराना से शकील अहमद व अब्दुल सत्तार, किशनगढ़ से बुंदू जी, मोहम्मद यूसुफ, भीलवाड़ा से राकिब अली उर्फ राजू, हाफिज जी केकड़ी, अब्दुल रशीद रियां,अमजद हूसैन पीसांगन, कालू उर्फ रमजान मालपुरा, मोहम्मद तनवीर फुलेरा को नए मेम्बरों में शामिल किये गए है। पुराने मेम्बर अपनी विशिष्टता के साथ यथार्थ कार्य मे रहेंगे। कौम में उठने वाली एक और प्रशंसनीय मांग पर मोहर लगाते हुए खुशियो की सौगात में कौम का सामूहिक विवाह सम्मेलन मई 2024 में होगा। इस सम्मेलन से कम खर्च में तो शादी होगी ही वहीं कौम को अनेकता में एकता का बल भी मिलेगा।

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