[the_ad_group id="40"]
[gtranslate]
[gtranslate]
[pj-news-ticker]

विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण संरक्षण के लिये उ प रेलवे की प्रतिबद्वता


पर्यावरण दिवस पर सेमीनार का आयोजन।
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
“बिजली की बचत और पर्यावरण संरक्षण का उत्तरदायित्व आज व्यक्ति विशेष का न होकर सभी का हो गया है ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा सके। ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण को सुदृढ़ बनाने के लिये रेलवे भी लगातार सकारात्मक कदम उठा रहा है, जिसमें परम्परागत संसाधनों के स्थान पर पर्यावरण अनूकुल स्त्रोतो का अधिकाधिक उपयोग किया जा रहा हैं।

यह वक्तव्य उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय मे 05 जून को पर्यावरण दिवस पर ‘’भूमि पुनर्स्थापन, मरुस्थलीकरण वसूखा नियंत्रण’’विषय पर सेमीनार में महा प्रबंधक अमिताभ ने कहा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी शशी किरण ने बताया कि सेमीनारमेंभारतीय रेलवे में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक जल संसाधनों का पुनर्जीवित एवं जीर्णोध्दार करने एवं रेलवे द्वारा उत्सर्जित कार्बन फुट प्रिंट को कम कर हरित पर्यावरण में अपनी मुख्य भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।


सेमिनार में मुख्य वक्ता भारतीय रेलवे मैकेनिकल सेवा के सेवानिवृत अधिकारी, अजय सिंह द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र मे रेलवे द्वारा किये गये प्रयासों जैसे- जल संसाधनों का पुनर्जीवित एवं जीर्णोध्दार, जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन एवं वनीकरण के लिए किये प्रयास को साझा किया। इसके साथ ही रेलवे में जल संरक्षण की अपार क्षमता की सम्भावना पर विस्तृत चर्चा की गई। सेमिनार में महाप्रबंधक  अमिताभ ने कहा कि जल संरक्षण का उत्तरदायित्व हर व्यक्ति  है  जल संरक्षण के उपायों को अपनाने पर जोर दिया।

कैप्टन शशि किरण बताया कि महाप्रबंधक अमिताभ के नेतृत्व में उत्तर पश्चिम रेलवे अपने प्रयासों को गति प्रदान कर प्रदुषण रहित पर्यावरण की मुहिम को बढाने के साथ-साथ राजस्व की भी बचत कर रहा है। इनसे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लगभग 5 करोड के राजस्व की बचत भी प्रतिवर्ष हो रही है। बिजली की बचत के लिये इस रेलवे पर ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा हैं।उत्तर पश्चिम रेलवे  पर 100% एलईडी लाइटो का उपयोग किया जा रहा है और इस रेलवे पर 2,50,000 एलईडी फीटिंग्स को रेलवे कार्यालयों, स्टेशनों, भवनों, रेलवे क्वार्टरों इत्यादि में लगाया गया। इससे प्रतिवर्ष 105 लाख यूनिट बचत की जा रही है। गाडियों की धुलाई में उपयोग किये गये पानी के पुनः उपयोग हेतु जयपुर सहित विभिन्न स्टेशनों पर ऑटोमैटिक कोच वाशिंग संयंत्र द्वारा पानी की बचत की जा रही है।विश्व पर्यावरण दिवस के  अवसर पर सेमिनार में उपस्थित अधिकारीगण को पर्यावरण संरक्षण पर शपथ भी दिलवाई गई। साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलो एवं यूनिटों में वृक्षारोपण, पर्यावरण जागरूकता अभियान जैसे- प्रभात फेरी एवं ड्राइंग कम्पटीशन इत्यादि का आयोजन किया गया।

Leave a Comment

advertisement
[the_ad id="106"]
और पढ़ें
Voting Poll
[democracy id="2"]