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भाजपा प्रत्याशी ने देव दर्शन यात्रा से की चुनावी शुरुआत

रूण फखरुद्दीन खोखर

रूण भोमियासा मंदिर में की पूजा अर्चना, ग्रामीणों ने किया स्वागत

रूण-विधानसभा क्षेत्र खींवसर के उप चुनाव को लेकर अब बिगुल बज चुका है। भाजपा ने विश्वास जताते हुए यहां से एक बार फिर अपना प्रत्याशी रेंवतराम डांगा को घोषित कर दिया है, वहीं अन्य पार्टियों ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं । इसी कड़ी में पिछले चुनाव में उपविजेता रहे और हनुमान बेनीवाल को कड़ी टक्कर देने वाले रेंवतराम डांगा को ही भाजपा ने प्रत्याशी  बनाया है।

वही जयपुर से टिकट मिलते ही डांगा ने सोमवार सुबह से देवदर्शन यात्रा की शुरुआत की और सबसे पहले मेड़ता सिटी मीराबाई के मंदिर में दर्शन करके मेड़ता रोड़, गागुड़ा होते हुए पंचायत समिति मूंडवा के गांव रूण में भोमियासा मंदिर में दर्शन करके पूजा अर्चना की। यहां पर ग्रामीणो ने स्वागत सत्कार किया। इसी प्रकार बड़ला चौक रूण में भी मुस्लिम समाज द्वारा माला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान डांगा ने मीडिया को बताया कि  पिछली बार चुनाव में थोड़ी कसर रह गयी थी उस कसर को अब जनता मेरे साथ रहकर पूरा कर देगी, भले ही सामने कोई भी मैदान में उतरे कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला है।

जनता ने बता दिया कि खींवसर में अब केवल बातों की राजनीति नहीं विकास की बात होगी.चुनाव के लिए पार्टी ने मुझ पर जो भरोसा जताया है उस पर मैं पूरी तरीक़े से खरा उतरूंगा.यह चुनाव भाजपा नहीं बल्कि खींवसर की जनता  लड़ने जा रही है। मैं पार्टी के भरोसे पर जनता के भरोसे रहकर खरा उतरूंगा। ज्ञात रहे भाजपा ने हनुमान बेनीवाल के पुराने सहयोगी रहे और पिछली बार के उम्मीदवार को ही चुनावी मैदान में उतारा है, 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे रेवंतराम डांगा पर भाजपा ने फिर से भरोसा इसीलिए ही किया है। कभी बेनीवाल के ख़ास दोस्त रहे डांगा पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आर एलपी छोड़कर भाजपा में शामिल होकर हनुमान बेनीवाल के सामने चुनाव लड़ा था, मगर 2069 वोटों से चुनाव हारने वाले डांगा के नाम पर पार्टी के सभी नेताओं की पहले दिन से ही सहमति थी इसीलिए इनको टिकट मिला।



*रेवंतराम डांगा RLP के संस्थापक सदस्य थे:*

2018 में RLP का गठन हुआ तो रेवंतराम डांगा पार्टी में थे. वो तीन बार सरपंच रह चुके हैं. लंबे समय तक हनुमान बेनीवाल के साथ थे, इसके बाद हनुमान बेनीवाल से अलग हो गए. 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और हार गए थे।

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