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मां लक्ष्मी की प्रिय मिठाई एकदम कांच की तरह देखने को मिल रहीं है. यह मिठाई  घी, तेल और मावा से नहीं बनती है, बल्कि चीनी से बनी होती है।        

                                                                                                                       (दीपेंद्र सिंह राठौड़)                                                                                                                                   पादूकलां। दीपावली का त्योहार आते ही दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड गई है।वो चाहे कपडे ,मिठाई आदि दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। ऐसे ही पादूकलां में भी नजारा देखने को मिलता है दुकानों में एक ऐसी मिठाई भी देखी जा रही है, जो एकदम कांच की तरह देखने को मिल रहीं है।यह मिठाई घी, तेल और मावा से नहीं बनती है, बल्कि चीनी से बनी होती है।

लक्ष्मी जी की सबसे प्रिय मिठाई इस मिठाई का मारवाड़ी भाषा में नाम चपडा व शटेली मिठाई है। इस मिठाई को सिर्फ दीपावली महिने में बनाया जाता है और इसे बड़ी मात्रा में तैयार किया जाता है। दुकानदारों की माने तो यह मिठाई लक्ष्मी जी की सबसे प्रिय है।खाने में यह बहोत स्वादिष्ट होती है‌। दीवाली पर इसकी डिमांड बहुत अधिक रहती है. इस मिठाई में आरपार दिखता है। बिल्कुल कांच की तरह। दीपावली के दिन मां लक्ष्मी जी को लगता है भोग चपडा व शटेली मिठाई को दीपावली के दिन मां लक्ष्मी जी के भोग लगाया जाता है।

इस मिठाई को बनाने की प्रकिया शरद पूर्णिमा से पहले ही शुरू हो जाता है और इसे दीवाली तक बनाई जाती है।बाजार में इसकी कीमत 70 रुपए किलो हैं  इसको बनाने में केवल शक्कर और इलायची से बनाया जाता है। आधे घंटे के समय में बनती है मिठाईदुकानदार रामकुमार खंडेलवाल ने बताते हैं कि मेरा परिवार करीब 40 साल स इस मिठाई को बनता है आज के समय में हंगी मिठाइयों से यह अलग ही मिठाई है जो बाजार में शुद्ध मिठाई है और गरीब परिवार के लिए सस्ती भी रहती है जिसकी बाजार कीमत मात्र ₹70 किलो है इस मिठाई से गरीब परिवार भी मां लक्ष्मी जी को भोग लगा सकता है इस चपडा मिठाई को बनाने में करीब आधे घंटे का समय लगता है।

इसको बनाने में सबसे पहले चीनी पिघलाया जाता है और तब तक पिघलाया जबतक इसका रंग बदल जाए।पिघलने के बाद इसको सुखाने के लिए छोड़ दिया जाता है।15 से 20 मिनटों के बाद यह मिठाई तैयार हो जाती है।रोजाना 1 से 1.5 क्विंटल चपड़ा मिठाई बनती और बिकती है और पूरे महीने तक करीब 30 से 40 क्विंटल चपडा बनाई और बेची जाती है। इस मिठाई को घर में बनाए मां लक्ष्मी की प्रिय मिठाई, देवी होंगी प्रसन्न।पादूकलां कस्बा बहुत ही बड़ा करीबन 30 गांव लगते हैं। जिसमें एकमात्र चपडा शटेली बनाने की दुकान है। यह करीबन 35 सालों से बनते आ रहे हैं।इस कलयुग में मिलावटी मिठाइयां अधिक बन रही है पर यह मिठाई सबसे अलग है। जो मिलावटी नहीं है बिल्कुल शुद्ध मिठाई है। फोटो कैप्शन 04पादूकलां।चपडा शटेली बनाते हुए दुकानदार

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