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साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 8 मार्च को।


लोक अदालत के सफल क्रियान्वन को लेकर दिए दिशा निर्देश।
फुलेरा(दामोदर कुमावत) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश अजीत कुमार हिंगर जयपुर जिला के निर्देश पर न्यायालय परिसर सांभर लेक में अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरविन्द कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में आगामी 8 मार्च को आयोजित होने वाली साल की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत की सफल क्रियान्वन को लेकर न्यायिक अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई ।

बैठक में ए.डी.जे-1ऐ.के. जांगिड़ ने राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने,अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा, अधिकाधिक प्रकरणों को चिन्हित करने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए । ए.डी.जे. जांगिड़ ने कहा की लोक अदालत में सिविल कोर्ट के लम्बित प्रकरणों के साथ राजस्व कोर्ट के लंबित प्रकरण भी रखकर पक्षकारों को लाभान्वित किया जाएगा। तथा कोर्ट में पहले मुकदमें दायर होने के बाद नीयत पेशियों के अनुसार चलते थे, लेकिन अब लोक अदालत में प्रकरण रखने के बाद दोनों पक्षों में राजीनामा होने के बाद हाथों हाथ प्रकरण का निस्तारण होता है, जिससे पक्षकारों को अनावश्यक न्यायालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

उन्होंने बताया कि न्यायालयों में मुकदमों कि संख्या एवं बरसों बरस तक मुकदमें चलने से परिवादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन लोक अदालत एक ऐसा माध्यम है जिससे राजीनामे से मुकदमें का निस्तारण तो होता ही है साथ ही लोक अदालत में निपटने वाले प्रकरणों की वापसअपील भी नहीं होती । लीगल एड असिस्टेंट चान्दमल सांभरिया ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में लम्बित प्रकरणों लम्बित शमनीय दांडिक अपराध अन्तर्गत धारा 138, पराक्रम विलेख अधिनियम, बैंक रिकवरी मामले, एम.ए.सी.टी. मामले, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, राजस्व मामले, मजदूरी भत्ते, पेंशन, सेवा मामले, अन्य सिविल मामले आदि प्रकरण रखे जायेगें उनका राजीनामा से निस्तारण व प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजीनामा योग्य प्रकरण को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए रैफर करने के साथ साथ चिन्हित प्रकरणों में डोर टू डोर काउंसलिंग भी आयोजित की जाएगी। बैठक में अपर जिला एवं सेशनन्यायाधीश क्र.सं.2 नीरजभामू ,वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ० ऋचा कौशिक, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट जयश्री लमोरिया सहित न्यायिक अधिकारी मौजूद  रहे।

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