
पत्रकार बाबूलाल सैनी
लक्ष्मणगढ़। सियासत में रहते हुए सेवा कार्यों के लिए लोकप्रियता हासिल करना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है और ऐसी ही काबिलियत रखते हैं पार्षद मधुसूदन दायमा जिन्होंने हमेशा सेवा परमो धर्म के ध्येय वाक्य को मानते हुए जनसेवा के लिए कभी सियासी गुणा भाग नहीं लगया। यही वजह है कि सेवा कार्यों की वजह से ही लक्षमनगढ में लोकप्रियता हासिल की है।

करीब तीन दशक पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा के शहर मंत्री से सियासत में कदम रखने वाले मधुसूदन दायमा टेंट व्यवसाय से जुड़े हैं तथा नगर की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं जबकि राजस्थान ब्राह्मण महासभा के शहर अध्यक्ष भी रह चुके हैं। एक जुलाई 1974 को जन्मे मधुसूदन दायमा वाणिज्य स्नातक है तथा बचपन से ही सामाजिक व धार्मिक कार्यों में रुचि रखते आयें है। दायमा के सेवा कार्यों को देखते हुए तत्कालीन वार्ड 29 के नागरिकों ने पार्षद का चुनाव लड़ाने के एकजुटता दिखाते हुए 2010 में पार्षद का चुनाव लडने के लिए प्रेरित किया। वार्ड के मतदाताओं के बलबूते व भरोसे पर दायमा ने चुनावी मैदान में उतरे तथा रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की जबकि 2015 में लाटरी में वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने पर वार्ड वासियों के सहयोग से ओबीसी महिला को चुनाव लडाकर अच्छे खासे मतों से जीत दिलाने में कामयाब हुए। जबकि 2021 के निकाय चुनाव में परिसीमन में सामान्य होने पर वार्डवासियों के आग्रह पर पुनः चुनाव मैदान में उतरते हुए पार्षद का चुनाव लडा तथा ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 920 मतों में से 880 मत हासिल कर रिकॉर्ड कायम किया।
वर्ष 1996 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के शहर मंत्री के रूप में सियासत में कदम रखने वाले मधुसूदन दायमा दो मर्तबा शहर भाजपा अध्यक्ष की सफलतम पारी भी खेल चुके हैं तथा संगठन के शहर में मुखिया के तौर पर पार्टी हाईकमान ने मार्च 2019 में कमान सौंपी। इस दौरान पार्टी के निर्देश पर संगठन की गतिविधियों के साथ ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने पहुंचाने के साथ ही कार्यकर्ताओं के लिए हर समय उपलब्ध रहें। आगामी पालिका चुनाव में मधुसूदन दायमा को भाजपा प्रत्याशी के रूप में सशक्त दावेदार के रूप में माना जा रहा है। यह दिगर है कि पार्टी किसे उम्मीदवार तय करेगी यह भविष्य के गर्भ में हैं।


Author: Aapno City News







