[the_ad_group id="40"]
[gtranslate]
[gtranslate]
[pj-news-ticker]

पूराराम पोटर का जीवन परिचय एक पुत्र एक पुत्री दोनों ही सरकारी अधिकारी

पूराराम पोटर जी का जीवन परिचय

पूराराम पोटर जी का जन्म 1963 में बगड़ निवासी बुद्धाराम जी साईवाल की धर्मपत्नी पतासी देवी की कोख से तीसरे पुत्र रत्न के रूप में हुआ था। उनका बचपन अपने गांव में सब्जी और खेती में बीता, जहां वे अपने माता-पिता का हाथ बटाते थे।

शिक्षा और विवाह

पूराराम पोटर जी ने बगड़ एवं अजमेर में शिक्षा ग्रहण की। उनके दौरान ही उन्होंने फालकी निवासी परताम राम नोखवाल की धर्मपत्नी श्रीमती कालची देवी की पुत्री गीता देवी के साथ 29 जून 1982 विवाह संपन्न हुआ।

नौकरी और सेवाएं

विवाह के 1 साल बाद 1983 में अजमेर में शिक्षा अध्ययन करते हुए नेवी लेफ्टिनेंट के पद पर नौकरी में चैयन पूराराम पोटर
नेवी में सर्विस के दौरान ही शिक्षा को जारी रखते हुए ग्रेजुएट तक अपनी शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 32 वर्ष तक नेवी में अपनी सेवाएं देते हुए लेफ्टिनेंट के पद से सेवानिवृत्ति प्राप्त की। उनकी सेवाओं के दौरान उन्होंने उड़ीसा, जामनगर, विशाखापट्टनम, मुंबई, मद्रास, दिल्ली, गुड़गांव, पुणे अंडमान निकोबार सहित अनेक जगह अपनी सेवाएं दीं।

परिवार

पूराराम पोटर जी के दो बच्चे हैं – एक पुत्री सुमन कुमारी और एक पुत्र मनोज कुमार। सुमन कुमारी ने ग्रेजुएट तक शिक्षा अध्ययन कर 2007 आर्मी में लेफ्टिनेंट मेजर के पद पर चंडीगढ़ में तैनात है। मनोज कुमार ने इंजीनियरिंग बीटेक कर हुए नेवी में लेफ्टिनेंट के पद पर अपनी सरकारी नौकरी प्राप्त कर आज कमांडेंट के पद पर विशाखापट्टनम के पद नंबर में तैनात है।

वर्तमान जीवन

वर्तमान में पूराराम पोटर जी मेड़तासिटी में निवास करते हैं। उनकी बेटी चंडीगढ़ आर्मी में लेफ्टिनेंट मेजर के पद पर सेवा कार्यरत है और पुत्र मनोज नेवी में कमांडेंट के पद पर विशाखापट्टनम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

Leave a Comment

advertisement
[the_ad id="106"]
और पढ़ें
Voting Poll
[democracy id="2"]