तेजाराम लाडणवा
नागौर जिले की रिया पंचायत समिति के झिटिया ग्राम निवासी हरलाल जी ककड़ावा (जाट) की धर्मपत्नी श्रीमती सुटि देवी की कोख से जन्मे पुनाराम ककड़ावा, जिन्हें सभी पुनाराम जी के नाम से पहचानते थे।




उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने जीवन को बहुत ही सादगी और समर्पण के साथ जिया।
पुनाराम जी का जीवन पर्यावरण सेवा और गौ सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने अपने जीवनकाल में 151 पौधे श्मशान भूमि में लगाने के साथ ही गांव सहित आसपास के क्षेत्र में अपने नेतृत्व में पौधारोपण करने के बाद परिवार की तरह पौधों की सेवा की। उनके पास 300 से भी अधिक बीघा खेती की जमीन थी, जिसमें वे पूरे परिवार के साथ मिलकर खेती का कार्य करते थे।

पुनाराम जी न केवल एक अच्छे किसान थे, बल्कि वे समाज में भी पंच पटेलो में एक अपनी अलग पहचान रखते थे। उनकी मृत्यु के समाचार सुनते ही जितिया सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर छा गई।

पुनाराम जी का परिवार भी बहुत ही संपन्न और समृद्ध है। उनके पांच पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनमें से सभी अपने-अपने कार्य में दक्ष हैं। उनके परिवार में टेंट व्यवसाय के साथ-साथ महादेव ड्राइंग की मैन्युफैक्चरिंग का भी कार्य किया जाता है।
पुनाराम जी की मृत्यु 3 मार्च 2025 को मधुमक्खियों द्वारा हमले किए जाने के 24 घंटे बाद हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार और समाज में शोक की लहर छा गई है।

पुनाराम जी के परिवार द्वारा उनकी याद में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 14 को डांगरी रात में और 15 को गंगा प्रसादी का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर पुनाराम जी के पुत्रों द्वारा पुनाराम जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती धनु देवी की याद में अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

इस मौके पर हरिजन राजा को गाजे बाजो के साथ राजा बिछाते हुए अपने घर तक लाकर राजा रजवाड़े की तरह घर में बैठ कर भोजन महाप्रसादी करवाई जाएगी तो दूसरी तरफ आसपास के साधु संतों का प्रवचनों का विशाल कार्यक्रम रखा गया है
साधु संतों के मुखारविंद से अमृत प्रवचनों एवं आशीर्वाद लेने आने वाले भक्तों के लिए भी विशाल महाप्रसाद का आयोजन किया गया है
इस मौके पर आसपास के गांव के गांव एवं अधिकारी जनप्रतिनिधि साधु संतों हरिजन राजा को गाजे बाजो के लिए के लाने के लिए विशेष के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जिसे देखने के लिए आसपास के क्षेत्र से भारी संख्या में ग्रामीण अतृप्त होंगे क्योंकि यह झिटिया गांव का द्वितीय कार्यक्रम है। पहला कार्यक्रम राजुराम प्रजापति के परिवार द्वारा आयोजित करवाया जा चुका है जिसमें आसपास के सभी मतों के साधु संतों के साथ भारी संख्या में आसपास के गांव के ग्रामीणों ने पहुंचकर साधु संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया

