
वक्फ एक्ट संशोधन बिल 2024 को 2 अप्रैल को लोकसभा में 288 मतों से पारित किया गया है। इस बिल के पारित होने से वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रोकने और मुसलमानों के लिए गरीबी को कम करने का रास्ता साफ हो गया है।
भारत में वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन वर्तमान में वक्फ एक्ट, 1995 के तहत किया जाता है। लेकिन नए बिल के पारित होने से वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री किरण रिजिजू और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि वक्फ से जुड़े धार्मिक स्थल और वक्फ संपत्तियों अलग-अलग हैं। सरकार का इरादा मुसलमानों के धर्म में दखल देने का नहीं है।
नए कानून के अनुसार, सेंट्रल स्टेट और डिस्ट्रिक्ट वक्फ कमेटियां बनाई जाएंगी, जिनमें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज, सीनियर वकील, महिलाओं और गरीब मुसलमानों का प्रतिनिधित्व होगा।
वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन किया जाएगा:
- वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण: सभी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
- वक्फ कमेटियों का गठन: सेंट्रल स्टेट और डिस्ट्रिक्ट वक्फ कमेटियां बनाई जाएंगी, जिनमें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज, सीनियर वकील, महिलाओं और गरीब मुसलमानों का प्रतिनिधित्व होगा।
- वक्फ संपत्तियों का उपयोग: वक्फ संपत्तियों का उपयोग मुसलमानों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के लिए किया जाएगा।
- वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन: वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन वक्फ कमेटियों द्वारा किया जाएगा।
- वक्फ संपत्तियों का ऑडिट: वक्फ संपत्तियों का ऑडिट नियमित रूप से किया जाएगा।
यह बिल मुसलमानों के लिए एक नई दिशा की ओर ले जा सकता है, जहां गरीबी को कम किया जा सकता है और वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रोका जा सकता है।


Author: Aapno City News







