तेजाराम लाडणवा


मेडतासिटी: राजस्थान पेंशनर समाज ने केंद्र सरकार के सीसीए (पेंशन) नियम संशोधन विधेयक के खिलाफ आंदोलनात्मक रुख अपनाने का निर्णय लिया है। इस विधेयक के तहत पेंशनरों को दो भागों में बांटकर भेदभाव किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और संविधान पीठ के ऐतिहासिक निर्णय के विपरीत है।
आंदोलन के चरण:
- प्रथम चरण: 9 अप्रैल को प्रत्येक उप शाखा प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन उप खंड अधिकारी/तहसीलदार या प्रशासन के किसी अधिकारी के माध्यम से भिजवाएगी।
- द्वितीय चरण: 10 अप्रैल से 14 अप्रैल के मध्य अपने क्षेत्र के लोकसभा और राज्य सभा के सांसदों को प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन देना है।
कार्यक्रम की सफलता के लिए:
- जिलाध्यक्ष दोनों चरणों के कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करेंगे और सफल बनाएंगे।
- उपशाखाएं सारे कार्यक्रम की सूचना देंगी और कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाएंगी।
क्या है मामला?
केंद्र सरकार ने सीसीए (पेंशन) नियम संशोधन विधेयक पारित किया है, जिसमें पेंशनरों को दो भागों में बांटकर भेदभाव किया गया है। राजस्थान पेंशनर समाज ने इस विधेयक के खिलाफ आंदोलनात्मक रुख अपनाने का निर्णय लिया है।
क्या बोले पेंशनर समाज के नेता?
पेंशनर समाज के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम संविधान के अनुच्छेद 14 और संविधान पीठ के ऐतिहासिक निर्णय के विपरीत है। उन्होंने कहा कि वे इस विधेयक के खिलाफ आंदोलन जारी रखेंगे।