नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बारे में राजनीतिक दलों द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट और तथ्यों पर आधारित जानकारी साझा की है। आयोग ने चुनाव में गड़बड़ी के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
आयोग का कहना है कि आरोप न केवल भ्रामक और निराधार हैं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के प्रति अपमानजनक हैं।
आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान कुल 6.40 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान किया। औसतन प्रति घंटे लगभग 58 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता
आयोग ने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंट उपस्थित थे, जिनके समक्ष ही पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। मतदाता सूचियां जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचकों के पंजीकरण नियम, 1960 के अनुसार विधिसम्मत ढंग से तैयार की गईं।
आयोग ने जोर देकर कहा कि देश में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष रूप से संपन्न होती है।