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 मीरा नगरी मेड़ता सिटी में पौधारोपण और जल संरक्षण का संकल्प  पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का पावन अवसर: अक्षय तृतीया ,

मेडतासिटी  (तेजाराम लाडणवा)

मीरा नगरी मेड़ता सिटी में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पर्यावरण प्रेमी ताराचंद मारोठिया भैया जी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण एवं जीव जंतुओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पौधों को पानी देने, परिंडे में पानी भरने, पक्षियों के लिए चुगा पात्र रखने और आगामी सत्र में किए जाने वाले 2100 पौधारोपण हेतु भूमि पूजन किया गया। साथ ही इस कार्य के लिए आवश्यक औजारों का पूजन भी किया गया।

पर्यावरण संरक्षण का महत्व और अक्षय तृतीया का विशेष महत्व

अतिथियों ने बताया कि अक्षय तृतीया का भारतीय सभ्यता और संस्कृति में विशेष महत्व है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है और यह दिन बहुत ही पवित्र माना जाता है। पर्यावरण एवं पशु पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु विशेष कार्य किया जाता है जो अटूट और स्थाई होता है। इस दिन सभी लोगों द्वारा आगामी फसल बोने हेतु भूमि पूजन किया जाता है, जिसे हलोत्यां कहते हैं।

पर्यावरण संरक्षण की शपथ और कार्यक्रम के संयोजक का संदेश

जल प्रभारी महावीर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शपथ दिलाई। कार्यक्रम संयोजक ताराचंद मारोठिया ने बताया कि इस मौके पर अनेक पर्यावरण प्रहरी उपस्थित थे, जिनमें डॉक्टर दिनेश सोनी, जल प्रभारी महावीर सिंह, जिला मंत्री सेवा भारती कैलाशचंद पुजारी और पौधारोपण प्रभारी महावीर प्रजापत सहित अनेक लोग शामिल थे।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें विक्रम सिंह राजपुरोहित, हारून रिजवी, भावेश सांखला, हिमांशु वैष्णव, गौतम भट्ट, गुलाबी देवी भाटी, केली देवी कच्छावा, राम कंवरी प्रजापत और मनोहर देवी सहित अनेक लोग शामिल थे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अपने संकल्प को दोहराया और इस पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की सराहना की।

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