जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया को बनाएं अधिक प्रभावी और कुशल, आमजन में लाए जागरूकता – एडीएम
जन्म और मृत्यु पंजीकरण की त्रैमासिक बैठक आयोजित

नागौर, तेजाराम लाडणवा
जन्म और मृत्यु पंजीकरण की त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय स्तर पर जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा करने और आवश्यक कार्यवाही करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
एडीएम ने दिए निर्देश
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के प्रावधानों के अनुसार, जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने और इसमें सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया एवं जिले में रजिस्ट्रार ईकाईयों की जानकारी लेते हुए पहचान पोर्टल पर जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण की समीक्षा
एडीएम ने पिछले तीन महीनों में हुए जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की समीक्षा करते हुए पंजीकरण में देरी, दस्तावेजों की कमी, या जागरूकता की कमी संबंधित समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और कुशल बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जन्म और मृत्यु संबंधी प्रकरणों का समय पर और सही तरीके से पंजीकरण हो, ताकि सरकार के पास सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें और नागरिकों को उनके अधिकारों और लाभों से वंचित न होना पड़े।
अधिकारियों ने सुझाए उपाय
जिला रजिस्ट्रार (जन्म मृत्यु) एवं आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक रामकुमार राव ने समस्याओं का समाधान करने और पंजीकरण प्रक्रिया को बेहतर बनाने के उपाय सुझाए। उन्होंने बताया कि जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता है तथा आम जनता के बीच जन्म और मृत्यु पंजीकरण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाए जाते हैं।