
मनमोहन सेजू/बाड़मेर. पश्चिम राजस्थान के सरहदी बाड़मेर जिले में किसानों को बागवानी रास आ रही है. साल 2010 में पहली बार बुड़ीवाड़ा गांव में 35 हैक्टेयर में 15 किसानों से इसकी शुरुआत की थी. प्रति वर्ष होने वाली बंपर पैदावार से किसानों का रुख अनार की ओर बढ़ा है. जिले में 11 हजार 130 हैक्टेयर में अनार की खेती से किसान सालाना 10 अरब रुपये कमा रहे हैं.
बाड़मेर के कई इलाकों में ना केवल अनार की खेती से किसानों में बदलाव देखने को मिला है बल्कि लोगों की आमदनी और रहन सहन में भी अंतर साफ नजर आ रहा है. इस बागवानी से बाड़मेर में महज 10 से 12 साल में किसानों ने वो करिश्मा कर दिखाया है, जो पहले असंभव था. इस समय यहां उगने वाले अनार की मांग सात समंदर पार होने लगी है. जबकि मौजूदा समय में रेतीले बाड़मेर में 11 हजार 130 हैक्टेयर जमीन पर अनार की खेती हो रही है.
लगातार बढ़ रही है खेती
बाड़मेर में वर्तमान में 11 हजार 130 हैक्टेयर में 4 हजार किसान अनार की खेती कर रहे है. साल 2010 से लेकर 2019-20 तक 9 हजार हैक्टेयर, 2020-21 में 10 हजार 350 हैक्टेयर और 2021-22 में 11 हजार 130 हैक्टेयर में अनार की खेती की जा रही है. सबसे खास बात यह है कि इस बार अनार 5875 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहे है.
कई इलाकों में पैदावार
इतना ही नही बाड़मेर में वर्तमान समय मे 1 लाख 61 हजार 787 मैट्रिक टन अनार का उत्पादन हो रहा है. बाड़मेर में भीमड़ा, उण्डू, मौखाब, कानासर, चोहटन, बालोतरा के महिलावास, सिवाना, पादरू,बुड़ीवाड़ा, मांगी, कथाड़ी, मोकलसर, बालोतरा सहित जिले के तीन दर्जन इलाको में अनार की खेती ने लोगों को समृद्ध बनाया है.
विदेशों में भारी डिमांड
बाड़मेर उद्यानिकी विभाग के कृषि अधिकारी बाबूराम राणावत बताते है कि बाड़मेर का अनार दुबई, बंगलादेश, नेपाल सहित कई देशों में निर्यात हो रहा है. सिंदूरी किस्म के बाद अब भगवा सिंदूरी किस्म के अनार की बंपर पैदावार हो रही है. इतना ही इसकी डिमांड भी विदेशों में बढ़ी है. वह बताते है कि बाड़मेर में किसानों के खेत से अनार दुबई, बांग्लादेश, फ्रांस, अमेरिका के साथ-साथ पश्चिम बंगाल,कलकत्ता, महाराष्ट्र में निर्यात हो रहा है.
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Tags: Farming, Fruits, Local18
FIRST PUBLISHED : September 02, 2023, 11:10 IST


Author: Aapno City News







