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अपने बच्चों को कार नहीं अच्छे संस्कार दीजिए- संत निर्मलदास महाराज

रूण फखरुद्दीन खोखर

मोबाइल संस्कार बिगाड़ता है।

चिताणी के फार्म हाउस पर हुआ धार्मिक आयोजन

रूण-आज के दौर में बच्चों की परवरिश पर ध्यान नहीं रखा जाता है और यह बच्चे मोबाइल में खोए हुए रहते हैं और तरह-तरह की मांग अपने घर वालों से करते रहते हैं और बच्चों में चिड़चिड़ापन बहुत ज्यादा हो गया है और आने वाले दिनों में बच्चों में आंखों की बीमारी सबसे ज्यादा आने वाली है।

इसीलिए इस दौर में अपने बच्चों को सुधारने के लिए उनकी मांगों पर गौर नहीं करें उन्हें कार नहीं उन्हें अच्छे संस्कारों की जरूरत है। यह विचार गोटन के संत निर्मलदास महाराज ने चिताणी के सारण फार्म हाउस पर एक धार्मिक आयोजन में कहे, उन्होंने कहा कि मोबाइल सिर्फ बात करने के लिए अच्छा है, लेकिन मोबाइल का चाल चलन अच्छा नहीं हैं,यह आने वाली पीढ़ी को बर्बाद करके रख देगा, जरूरत के हिसाब से अगर आप काम में लोगे तो निश्चित रूप से सही रहेगा।

इसी कड़ी में सोयला के महंत माधवदास महाराज ने भी आज की युवा पीढ़ी को अच्छे संस्कारों से सुसज्जित करने की बात करते हुए कहा कि बच्चों की पहली स्कूल घर होता है और उसके बाद स्कूल का गुरु होता है इसीलिए शुरुआत में ही बच्चों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इसी प्रकार इन दोनों संत महात्माओं ने शिक्षा पर जोर देते हुए और नशे के बारे में बताते हुए कहा कि नशा चाहे कोई भी हो यह शरीर का नाश करता है और उस घर को भी बर्बाद करता है। हमें नशे से दूर रखने के प्रयास करने चाहिए।

इस मौके पर सामूहिक भोज का भी आयोजन रखा गया। इस अवसर पर चंदा राम सारण, हरिराम मुंडेल, बलदेवराम भालिया, रामकिशोर मुंडेल, पीराराम ,गिधाराम, पदमाराम डावला, कानाराम गालवा, रेवंतराम, विक्रम ,हनुमान ,सुखराम भादू ,छोटू राम कमेड़ीया, रामचंद्र ,रामनारायण ,विकास विक्रम सहित काफी गांवो के श्रद्धालु उपस्थित थे।

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