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रूण-भगवान भाव के भूखे होते हैं, जिस प्रकार से भगवान ने विदुर के घर में जाकर केले के छिलके खाए, इसी तरह हमें भक्ति के साथ-साथ भगवान के प्रति भाव रखना चाहिए


रूण- फखरूदीन खोखर

रूण-भगवान भाव के भूखे होते हैं, जिस प्रकार से भगवान ने विदुर के घर में जाकर केले के छिलके खाए, इसी तरह हमें भक्ति के साथ-साथ भगवान के प्रति भाव रखना चाहिए यह विचार चिताणी गांव में गोसेवार्थ करवाई जा रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शनिवार को कथावाचक चेतनराम महाराज ने कहे उन्होंने आगे कहा कि भगवान किसी को सुख दुख नहीं देते हैं,व्यक्ति को सुख और दुख अपने कर्मों के अनुसार मिलते हैं ,

इसीलिए जैसा कर्म करेगा वैसा उसको यही का यही फल मिल जाएगा, महाराज ने इस दौरान मीराबाई के चरित्र को सुनाया मीराबाई ने भक्ति के माध्यम से भगवान के लिए अपने घर का भी त्याग कर दिया, इसीलिए ऐसी भक्ति के लिए मीराबाई, कर्मा बाई सहित कई महापुरुष आज के दौर में भी पूजे जाते हैं।

इन्होंने गायों की दुर्दशा पर बताया कि हमें सुबह उठते ही पहली रोटी गाय को देनी चाहिए और जहां कहीं भी गौशाला है वहां पर गायों के लिए गर्मी के मौसम में पानी चारा और छाया की व्यवस्था में सहयोग देते रहना चाहिए । वही इस मौके पर संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु झूम उठे।

*आज आएंगे महामंडलेश्वर संत कुशाल गिरी महाराज*

आयोजकों ने बताया कि आज रविवार को दोपहर 12 बजे नागौर से महामंडलेश्वर गौ रक्षक संत कुशाल गिरी महाराज इस समारोह में शामिल होंगे और प्रवचन देंगे।

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