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सेवानिवृत्ति पर शिक्षक बने अपने ही स्कूल के भामाशाह


(दीपेन्द्र सिंह राठौड़)
पादूकलां। निकटवर्ती ग्राम पंचायत बग्गङ-राजकीय उच्च माध्यमिक व विद्यालय के शिक्षक हनुमान प्रसाद राव ने शिक्षा के क्षेत्र में 31 वर्ष की राजकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने पर अपने पिता स्व. तेजाराम राव पूर्व सरपंच की स्मृति में विद्यालय के भव्य मुख्य द्वार का निर्माण करवाया।

चार लाख इक्कीस हजार रुपये की लागत से बने इस मुख्य द्वार का उद्घाटन रामप्रताप बग्गङ पूर्व प्रधान रियां बङी ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवती प्रसाद शर्मा ने बताया कि हनुमान प्रसाद राव ने इस विद्यालय में भामाशाह एवं प्रेरक के रूप में अनेक विकास कार्य करवाये। व्याख्याता रामकिशोर पिचकिया ने बताया कि हनुमान प्रसाद राव शिक्षा के प्रति समर्पित थे। वह एक कुशल शिक्षक के साथ -साथ एक समाजसेवी भी थे।

सादगी, सरलता, विनम्रता,सहजता,सयंमित जीवन,उच्च विचार,निस्वार्थ भाव कर्तव्यनिष्ठता इनके व्यक्तित्व की पहचान हैं।गाँव के सम्मानीय नागरिकों ने सोने की अंगूठी एवं चांदी की गिलासें भेंट कर जे सी बी से पुष्प वर्षा करके उनका मान सम्मान किया।

नामुमकिन कुछ नहीं
जिस स्थान पर हम काम करते हैं,उसे अपना मानकर काम किया जाए तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। मुझे अपने स्वर्गीय पिताजी से निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने की प्रेरणा मिलती है। आदरणीय ग्रामवासियों,सम्मानीय शिक्षक साथियों,जन सेवकों,युवा साथियों एवं बच्चों के स्नेह, प्रेम एवं सम्मान के लिए सदैव आभारी रहूंगा।सेवानिवृत्त शिक्षक-हनुमान प्रसाद राव राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बग्गङ

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