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माया का सुख पंच दिन गव्र्यो कहां गवार स्वपने पायो राजधन जातन लागे बार:संत रामप्रकासस्वामी।


श्री दादू आश्रम पर चल रहे सत्संग ज्ञानयज्ञ समारोहमें,
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
श्रीरामनगर स्थित श्रीदादू आश्रम पर संत राम प्रकाश स्वामी के सानिध्य मे चल रहेश्रीगुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं चतुर्मास सत्संग ज्ञान यज्ञ समारोह में सोमवार को व्यासपीठ से संगीताचार्य संत राम प्रकाश स्वामी ने प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक ज्ञान यज्ञ, श्रीमद् दादू वाणी, प्रवचन, सत्संग के दौरान उपस्थित श्रद्धालु को बताया कि, माया रूपी वैभव का सुख पांच दिनों का है

यह वक्तव्य श्रीमद् दादू वाणी के महान ग्रंथ में संत शिरोमणि दादू दयाल जी महाराज कहते है, यह संत रामप्रकाश महाराज ने सत्संग के दौरान बताया कि संसार का माया रूपी पसारा अल्पकाल का ही है इसमें जो माया के कार्य- धन संपत्ति का प्रभाव, पारिवारिक बल ,राज सिंहासनादि, पारिवारिक संबंध, धन संपदा वैभव का जो गर्व है इसके विनाश में समय नहीं लगता है इस लिए साधक को ईश्वरीय साधना का चिंतन करते हुए परमात्मा में विश्वास कर स्मरण करना चाहिए ।

उन्होंने बताया कि सत्संग श्रवण की इच्छा, श्रद्धा, भागवत कथा में रुचि रखने से ही परमात्मा की कृपा मिलती है, दादूआश्रम के व्यवस्थापक धरमदास स्वामी ने बताया कि व्यास पेट पूजा एवं भंडारा प्रसादी सेवा भंवर लाल चौधरी की ओर से की गईतथा इस अवसर पर सांभर से नोरतमलअग्रवाल,गोपाल नेतड, पं. यादराम जोशी, रमेश चौधरी, ,सोहन लाल भोडीवाल, जगदीश भोडीवाल,भंवरलाल कुमावत, गुलाब चंद कुमावत , मूलचंद कुमावत, राम अवतार ज्ञानू , सत्य नारायण कुमावत, नाथू लाल सैनी, राजेंद्र सैनी सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे।

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