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सदियो पूर्व ठाकुरजी के साथ आए सेवा वाले ब्रजवासियों को आज भी इक्कीस सौ रूपयो में गुजर बसर करने पर होना पड़ रहा मजबूर।



ब्रजवासी सेवा वालो द्वारा समय समय पर संबधित विभाग, अधिकारी,नेताओ, टैंपल बोर्ड को दिया माग पत्र।

मंदिर मंडल द्वारा कर्मचारी रिटायर्ड होने के पश्चात भी
पुनः सविदा कर्मी पर लगाया जा रहा है ओर शिक्षित बेरोजगार ब्रजवासी युवा रोजगार की तलाश में।

नाथद्वारा, (के के सनाढय,) वल्लभ सम प्रदाय की प्रधान पीठ नाथद्वारा मन्दिर में सदियो पूर्व देश में मुगल बादशाह द्वारा देश भर में हिंदू प्रतिमाओं को खंडित किया जा रहा था उस दौरान ब्रज से ब्रजवासीयो के साथ गुसाई जी द्वारा ठाकुरजी को ब्रज से लेकर मेवाड़ पधारे जहा पर तत्कालीन महाराणा ने ठाकुरजी को मेवाड़ में आश्रय दिया साथ ही ठाकुरजी के राग भोग श्रृंगार नियमित रूप से सेवा हो उसके लिए हजारों बीघा जमीन बाग बीड खेत खलिहान गौ माता के लिए गौ शाला निर्माण कार्य करवाकर उपलब्ध करवाया गया जिसके चलते ठाकुरजी की सदीयो से राग भोग श्रृंगार की नियमित रूप से सेवा चलती रही है जो आज तक निरंतर राग भोग श्रृंगार के साथ मंदिर मर्यादा,परम्परा,अनुसार गुसाईजी द्वारा निर्धारित सेवा क्रम बृजवासीयो द्वारा निर्वाह किया जा रहा है,

तिलकायत महाराज श्री की आज्ञा अनुसार ,कई नामेदार ब्रजवासी सेवा वालो ने बताया कि सादियो से गौ, बल्लभ, की सेवा ब्रजवासी द्वारा की जा रही जिनकी कई पीढ़ियां गुजर गई है, ओर आज उन्ही के वंशज मात्र इक्कीस सौ रुपए मासिक मे अपना गुजर बसर करने पर मजबुर है जबकि वास्तविकता में आज ठाकुरजी के करोड़ो रुपए की आय होने के बाबजूद भी ठाकुरजी के साथ आए ब्रजवासियों का शोषण किया जा रहा है जबकि नामेदार ब्रजवासी चौबीस घंटे ठाकुरजी की सेवा में समर्पित है उन्ही का शोषण किया जा रहा है सेवा वाला ब्रजवासी अपने बच्चो को बड़ी मुस्किल से शिक्षा हासिल करवा रहा है, सरकारी नौकरी मिलती नहीं है रोजगार की तलाश में भटकना पड़ रहा है, रोजगार के लिए बृजवासी युवाओ द्वारा आने वैष्णव जन को दर्शन व्यवस्था के साथ मंदिर मर्यादा परम्परा सेवा व्यवस्था को अवगत कराते हुए ठाकुरजी के सेवा सामग्री करवाकर मंदिर मंडल में वैष्णव जन से आय करवाने का प्रयास करवाता है, व सेवा के बदले मिलने वाली सेवकी पाकर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उस पर भी मंदिर मंडल प्रशासन द्वारा कई पाबंद लगा दिए गए हैं, जब की इधर मंदिर मंडल में कर्मचारी रिटायर्ड ,सेवानिवृत होने पर करोड़ो रूपए उठाता है और सेवानिवृत होने के दूसरे दिन ही पुनः उसी जगह वापस सवीदा कर्मी के रूप में हजारों रुपए मासिक पर लग जाता है जबकि इधर कई सिक्षित बेरोजगार युवा रोजगार की तलाश में भटक रहा है, जिनकी सुनने वाला कोई नहीं है साथ ही बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सेवा वाले ब्रजवासीयो द्वारा कई बार संबधित विभाग, अधिकारी नेताओ टैंपल बोर्ड सहित नाथद्वारा प्रवास के दौरान राष्ट्रिय स्तर के नेताओ मंत्रियों विधायकों को ब्रजवासी सेवा वालो की राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भुगतान करवाने हेतू लिखित व मौखिक रूप से अवगत करवाने के उपरान्त भी नतीजा ढाक के तीन पात रहा है, नेता केवल चुनाव के वक्त ही नजर आते हैं और बड़े बड़े आश्वासन देकर लुभाया जाता है,। मन्दिर मंडल द्वारा दर्शन प्रसाद, एकलाई, समाधान करवाने के बाद कोई याद नही आता है,

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