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मनुष्य ही एक ऐसी प्रजाति है जो भूत प्रेत जैसी धारणा मे भटकता रहता है : संत पांचाराम



धाँधलास ग्राम में हुआ संत समागम, संतप्रवृत सागरदान गाडन स्मृति बरसी महोत्सव का था मौका
(दीपेंद्र सिंह राठौड बाबूलाल सैनी)
पादूकलां । निकटवर्ती ग्राम पंचायत धाँधलास मे संत प्रवृत सागर दान गाडन समृती बरसी महोत्सव अवशर पर प्रवचन करते हुए रामधाम खेजड़ा आश्रम महंत संत पांचाराम महाराज ने कहा कि मनुष्य प्रजाति सभी प्रानियों मे बुद्धिजीवी माना जाता है

, सभी प्रकार कि समझ है  फिर भी उसको सही गुरु नहीं मिलने कि वजह से भूत प्रेत, जैसे आडबरों मे भटकना पड़ रहा है जबकि नासमझ पशु जैसे भैंस, गाय, ऊंट, बकरी कभी भी भूत बने है क्या   क्या कभी कोई पितृ बने है       लेकिन मनुष्य सबसे ज्यादा समझदार माना जाता है  फिर भी गुरु के बिना अधूरा है समझ नहीं हिने के कारण आडबरों मे भटकता रहता है 

यदि मनुष्य को शि वक़्त पर सद्गुरु मिल जाता है तो तो वो केवल एक परमात्मा का ध्यान स्मरण करने लग जाता है और सभी  भ्रातियो से मुक्त हो जाता है आयोजक मंडल के गोपाल सिंह, घनश्याम सिंह ने बताया कि हर वर्ष कि भांति इस बारहवीं बरसी मोके पर संत समागम का आयोजन रखा गया है इसमें क्षेत्र के संतवृंद ने भाग लिया और ज्ञान गंगा का रसपान करवाया  इस मोके पर पंचायत समीटिंग सदस्य सीता चौधरी,हिमांशु चारण मूलदान, खेमदान, अशोकदत, पुखराज छरंग, पूर्व सरपंच राजेंद्र कसवा, भगवती प्रशाद टेलर, सरपंच प्रतिनिधि रामनिवास छरंग,

दयाराम कसवा, चन्द्रवीर सिंह अजमेर, चंद्रशेखर पारासर  पादूकलां, भावेश कुमार सारस्वत रियाबड़ी, केलाश झींझा  थांवला, अंजनी कुमार लखावत सहायक लेखाधिकारी,सुरेश कुमार नरसी लाल थांवला पवनकुमार पादू किशोरराम नेमीचंद गुर्जर महावीर सिंह पालियास हरिराम जाजड़ा छोटूराम जाजड़ा हेमाराम प्रजापत श्रवणराम प्रियंका चारण, सोनू पुनिया,मांगी लाल ,दिनेश बोरा,महिपाल,मंजू ,रजनी मीना,ईश्वर, सुरेश कुमावत सहित श्रद्धालु और ग्रामीण  मोजुद रहे।

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