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किसान(कृषक) संगोष्ठी का आयोजन हुआ    

                                                                                                                                                                                          (नि.स.)पादूकलां। कृषि पर्यवेक्षक क्षेत्र बीजाथल में आगामी खरीफ ऋतु की फसल बुआई हेतु कृषक गोष्ठी  का आयोजन किया गया जिसमे कृषि पर्यवेक्षक जोगी राम मेहरा ने किसानों को कपास फसल बुआई पूर्व कपास फसल में गुलाबी सुंडी एवम कीट प्रबंधन आदि के साथ खरीफ फसलों के बुआई पूर्व तकनीकी जानकारी दी गई।

कपास फसल में  मुख्य कीट गुलाबी सुंडी है जो कपास की फसल में भयंकर नुकसान करता है ये कीट फसल की पुष्प अवस्था से कपास में टिंडे (डीडू) बनने तक भारी नुकसान करता है ये कीट के लार्वा फसल में डीडू में प्रवेश करके अंदर ही अंदर बीजों को खाता ही जिससे अंदर रूई धब्बेदार होने के साथ इसकी गुणवत्ता बिगड़ जाती हैं। इस कीट की रोकथाम के लिए फसल की बुआई समय पर करे।

पूर्व में कपास की बुआई वाले खेत में कपास की बुआई नही  करे क्यों की कपास फसल की कटाई के उपरांत ये सुंडी खेत में पड़े पुराने कपास के डेंटल पर ही जीवन यापन करती  हैं और अगले वर्ष फिर कपास फसल में नुकसान करती हैं इसके बचाव के लिए  एकड़ के हिसाब से खेत में फेरोमेन ट्रैप लगाए फसल के 60 दिनों तक नीम आधारित कीटनाशकों का प्रयोग करे। 60 दिन बाद परफेनोफॉस 50 ई सी प्रति लीटर पानी इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एस जी 0.50 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।उपस्थित कृषक डूंगाराम,ओमाराम ,मांगीलाल,नाथूराम,अर्जुनराम, दशरथसिंह सहित किसान मौजूद रहे ।

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