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आपा मेटे हरि भजे,तन मन तजे विकार।  निर्बेरी  सब  जीव सो,दादू यहु मत सार : संत रामप्रकाश स्वामी


श्री दादू आश्रम पर चल रहे सत्संग ज्ञानयज्ञ समारोह में
फुलेरा (दामोदर कुमावत) श्री राम नगर स्थित श्री दादू आश्रम पर संत राम प्रकाश स्वामी के सानिध्य में चल रहे त्रयोदशी श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव,चातुर्मास सत्संग ज्ञानयज्ञसमारोह में बुद्धवार  को व्यासपीठ से संगीतच़ार्य संत राम प्रकाश स्वामी ने प्रातः10:बजे से 12: बजे तक श्री ज्ञान यज्ञ, श्रीमद् दादूवाणी,प्रवचन,सत्संग के दौरान उपस्थितश्रद्धालुओं को बताया कि, आपा मेटे हरि भजे, तन मन ताजे विकार।निर्बेरी सब जीव सो, दादू याहु मत सार । 

यह वक्तव्य श्रीमद् दादू वाणी  महान ग्रंथ में संत शिरोमणि ब्रह्मऋषि दादू दयाल जी महाराज ने कहे हैं , संत रामप्रकाश महाराज ने सत्संग के दौरान बताया कि प्राणी अपने आपा अभिमान को मेट कर निरभिमानता पूर्वक भगवत भजन करें और सब जीवों के साथ में दयालुता का व्यवहार करें। ये दादूवाणी का मुख्य सार रूप मत है।

उन्होंने कहा कि साधक को ईश्वरीय साधना का चिंतन करते हुए परमात्मा में विश्वास कर स्मरण करना चाहिए उन्होंने बताया कि सत्संग श्रवण की इच्छा श्रद्धा भागवत कथा में रुचि रखने से ही परमात्मा की कृपा मिलती है दादू आश्रम व्यवस्थापक धर्म दास स्वामी ने बताया कि आज भारी संख्या में स्थानीय नर,नारी व युवा जन श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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