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राजसमंद सांसद और नाथद्वारा विधायक ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

के के ग्वाल जी

महामहिम की कोर्ट में विचाराधीन संपत्तियों के दौरे को लेकर विधायक और सांसद ने जताई आपत्ति

संयुक्त बयान में दोनों ने कहा – महामहिम पुनः विचार कर कार्यक्रम संशोधित करें

राष्ट्रपति कार्यालय को गफलत में रखने वाले अधिकारियों और लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की

नाथद्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदया के उदयपुर भ्रमण के संबंध में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिख कर महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराते हुए कार्यक्रम में आवश्यक संशोधन की मांग की है।

उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को पत्र लिखा है कि जिन संपत्तियों का वे दौरा करने जा रहे हैं, वे न्यायालयों के स्थगन आदेशों के अधीन हैं, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अवमानना आवेदन के अधीन हैं और कर विभाग और जिला न्यायालय द्वारा एचयूएफ संपत्तियां घोषित की गई हैं। (उच्च न्यायालय के समक्ष अपील लंबित है।)


विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने लिखा है कि उनके पिता महाराणा महेंद्र सिंह जी मेवाड़ (पूर्व सांसद भाजपा) इस एचयूएफ के वैध कर्ता हैं और महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के वैध अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने लिखा है कि महामहिम राष्ट्रपति इन संपत्तियों का दौरा राष्ट्रपति कार्यालय की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं, वह भी कर्ता और परिवार के मुखिया के साथ कोई संवाद किए बिना।इस यात्रा से प्रशासन को भी गलत संदेश जाएगा। ऐसे में इन तथ्यों पर गौर करते हुए तथा इस उच्च पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए महामहिम इन संपत्तियों पर न जाकर अपने कार्यक्रमों को संशोधित करें। साथ ही यह जांच करे कि वे कौन लोग हैं जिन्होंने राष्ट्रपति कार्यालय को गफलत मैं रखकर यह प्रस्ताव दिया था।

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