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सांभर लेक में राष्ट्रीय लोक अदालत में 291 प्रकरणों का निस्तारण हुआ।


2,10,91,444/- रुपयों का हुआ अवार्ड पारीत।
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) अजीत कुमार हिंगर, जयपुर  जिला के निर्देशानुसार इस साल की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को सांभर लेक न्यायालय परिसर, में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्र.स. 2, नीरज भामू की अध्यक्षता में किया गया।

ए.डी.जे.-2 भामू ने 27 वित्तीय संस्थाओं के 1706 प्री लिटिगेशन प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए सुलहवार्ता कर वादी व प्रतिवादी के बीच सुलह करवाई। जिसमें वित्तीय संस्थाओं बैंकों, विधुत विभाग व अन्य वित्तीय संस्थाओं के काफी पुराने प्रकरणों के प्री लिटिगेशन प्रार्थना पत्र निस्तारित हुए। लिगल एड असिस्टेंट चान्दमल सांभरिया ने पत्रकारों को  बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए सांभर लेक न्याय क्षेत्र में अवस्थित न्यायालयों के लिए अलग अलग बैंचों का गठन किया गया है ।

प्रथम बैंच नं. 12 न्यायालय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्र.स. 1/2 व प्री लिटिगेशन की पत्रावलियों के लिए गठित की गई थी। जिसकी अध्यक्षता ए.डी.जे.-2 नीरज भामू द्वारा की गई व सदस्य अधिवक्ता सुरेश कुमार शर्मा रहे। द्वितीय बैंच नं. 13 न्यायालय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सांभर लेक/ जोबनेर, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, ग्राम न्यायालय सांभर लेक व राजस्व प्रकरण सांभर लेक कि अध्यक्षता जयश्री लमोरिया, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सांभर लेक व राजस्व अधिकारी / उपखण्ड अधिकारी सुमन चौधरी, सांभर लेक व सदस्य अधिवक्ता नितेश जांगिड़ रहे। तालुका विधिक सेवा समिति, सांभर लेक के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 291 प्रकरणों का आपसी राजीनामा के जरिए निस्तारण करवाया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण के 12 प्रकरणों में राजीनामा से फैसला दिया गया। तालुका विधिक सेवा समिति कनिष्ठ सहायक चान्दमल सांभरिया  ने बताया कि मौके पर मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण के मामलों में अदालत की ओर से 76,50,000/- रुपये का अवार्ड पारित किया गया। इसके अलावा 57 प्री लिटिगेशन के मामलों में 1,20,92,613/-तथा अन्य धन वसूली (दिवानी वाद/ इजराय/ आर्बिट्रेशन अवार्ड की इजराय) संबंधित प्रकरणों में 13,48,831/- तीनों मिलाकर कुल 2,10,91,444/- अक्षर ( दो करोड़ दस लाख इकरानवे हजार चार सौ चम्मालिस रुपये) के अवार्ड पारित किए गए। पारिवारिक प्रकरणों में से दो प्रकरण नीलम जांगिड़ बनाम जितेंद्र जांगिड़ व नरेंद्र सिंह बनाम अंजुबाला प्रकरण में बैंच की समझाईश के तत्पश्चात साथ रहने पर राजी हुए बैंच के समक्ष दोनों पक्षों ने एक दूसरे को पुनः माला पहनाकर एक साथ रहने को सहमत हुए। इस अवसर पर बार संघ अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा, सचिव रतन लाल चौधरी सहित अनेक अधिवक्तागण एवं वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि आदि उपस्थित हुए।

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