कुन्नाराम सारडीवाल: एक महान समाजसेवी और शिक्षाविद् की याद में


आज कुन्नाराम सारडीवाल की आठवीं पुण्यतिथि है, जो एक महान समाजसेवी और शिक्षाविद् थे। उनका जीवन और कार्य हमें प्रेरणा देते हैं और उनकी विरासत आज भी हमारे बीच जीवित है।
कुन्नाराम सारडीवाल का जन्म दुर्गाराम सारडीवाल मेडरासिटी के घर हुआ था, और वे बचपन से ही शिक्षा और सामाजिक सेवा में रुचि रखते थे। उन्होंने आरएसएस के साथ जुड़कर अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
सारडीवाल जी ने शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में कार्य किया और समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए काम किया। उन्होंने प्रजापति समाज के श्रीयादे माता मंदिर मेड़ता के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और मंदिर के निर्माण और समाज में विकास की दिशा में काम किया।
उनकी प्रेरणा और सुझाव के अनुसार अजमेर में छात्रावास का निर्माण करवाया गया और तीर्थ नगरी पुष्कर राज में नए भवन का निर्माण करवाया गया। उनका लक्ष्य था कि मीरा नगरी मेड़ता सिटी में समाज बंधुओ की इच्छा के अनुसार शिक्षा का मंदिर छात्रावास बनाने का था, जो आज करोड़ों की लागत का राजस्थान में सबसे बड़ा और सबसे हटकर मजबूत बनकर तैयार हो चुका है।
कुन्नाराम सारडीवाल की पुण्यतिथि पर हम उनकी स्मृति को नमन करते हैं और उनके जीवन और कार्य से प्रेरणा लेते हैं। उनकी विरासत हमें सामाजिक सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित करती है।