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श्याम सुंदर बिरला का जीवन परिचय

   तेजाराम लाडणवा

श्याम सुंदर बिरला का जीवन परिचय

श्याम सुंदर बिरला का जन्म 26 अप्रेल 1955 को मेड़ता सिटी में हुआ था। वह

मीरा नगरी मेड़ता सिटी के निवासी स्व. सेठ सीताराम बिडला की धर्म पत्नी श्रीमती चंदा देवी की कोख से पांचवे पुत्र रत्न के रूप में जन्मे श्याम सुंदर बिडला ने सीनियर सेकेंडरी तक शिक्षा ग्रहण की और 1972 में पिता के साथ कपड़े के व्यापार में हाथ बढ़ाने के साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में स्वय सेवक के रूप में समाज सेवाएं करना प्रारंभ कर दिया ।

श्याम सुंदर बिरला ने 8 दिसंबर 1974 में अजमेर जिले के मकरेड़ा गांव निवासी रामेश्वर लाल जेथलिया की धर्मपत्नी बसंती देवी की कोख से तीसरे संतान के रूप में जन्मी लाडेश्वरी मैना देवी जेथलिया को अपने जीवन संगिनी के रूप में घर लेकर आए उनका भरपूर सहयोग मिलने के कारण समाज सेवा के साथ-साथ सामाजिक सेवा व व्यापारिक क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान कायम की।

श्याम सुंदर बिरला हमेशा सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहे। उन्होंने 1968 में आरएसएस के स्वय सेवक के रूप में जुड़कर समाज सेवा कार्य प्रारंभ किया। वह विद्या भारती के जिला अध्यक्ष और विद्या भारती से संचालित मीरा बाल विद्या मंदिर के अध्यक्ष भी रहे हैं वर्तमान में आप राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मेड़ता जिले के जिला संघ चालक रूप में कार्यरत है।

श्याम सुंदर बिरला ने समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने 1981 में माहेश्वरी नवयुवक मंडल मेड़ता के अध्यक्ष, 1985 से 1989 तक नागौर जिला युवा संगठन के अध्यक्ष, और 1989 से 1996 तक राजस्थान प्रदेश महेश्वरी युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।

उन्होंने अखिल भारतीय महेश्वरी सेवा सदन पुष्कर के माहामंत्री और अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है। उनके कार्यकाल के दौरान समाज में विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य करवाए। उन्होंने बदरीनाथ भवन, आरोग्य भवन, चार भुजा में सेवा सदन का भवन, जल मंदिर, शिव मंदिर, पुष्कर सेवा सदन में अन्नपूर्णा भवन, नाथद्वारा में श्रीनाथ भवन, और वृंदावन में राधा कृष्ण भवन मंदिर का निर्माण करवाया।
श्याम सुंदर बिरला का व्यवसायिक जीवन भी बहुत ही सफल रहा है। उन्होंने मेड़ता क्षेत्र में कपड़ा व्यवसाय के सबसे बड़ा नाम बनाया है। उनका व्यवसाय ब्रांडेड कपड़ों के साथ-साथ होलसेल का भी बहुत बड़ा व्यापार है। उनके पुत्रों ने जोधपुर शहर में स्टोन उद्योग के क्षेत्र में भी बहुत बड़ा नाम कर रखा है।

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