उचित कार्यों की मध्यस्थता करने वालों पर लगे रोक।
फुलेरा (दामोदर कुमावत) फुलेरा जनकल्याण सेवा समिति में पिछले कई वर्षों से स्थानीय प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन बिना मध्यस्थता के नहीं होने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए समिति अध्यक्ष गिरधारी सिंह शेखावत ने प्रेस वार्ता आयोजित कर संवाददाताओं से रूबरू होते हुए कहा कि जिस प्रकार केंद्र व राज्य सरकार प्रशासन को आम जनता की सुविधाओं और उनके सरकारी महकमों के कार्यों को शीघ्र, सस्ता एवं समय अनुसार निष्पादन करने के आदेश किए हुए हैं,

फिर भी कस्बे के स्थानीय प्रशासन नगर पालिका संबंधी उचित एवं समय अनुसार कार्यों के लिए आम जनता त्रस्त है,क्योंकि नगर पालिका पर आम जनता के कार्यों की वर्षों पुरानी पत्रावलियां पड़ी है परंतु बिना मध्यस्थता के निष्पादन होना आमजन के लिए कठिन हो गया है, जबकि मध्यस्थता से तो आप की आई हुई पत्रावली आज ही निस्तारण हो रही है यह है सेवा शुल्क की देन ,समिति अध्यक्ष शेखावत ने बताया कि अन्य विभागों में पहले आओ पहले पाओ यानी प्रायटी से कार्य किया जाता है परंतु यहां हालात बिगड़े हुए हैं लोग प्रतिदिन कार्यालय के चक्कर लगाते हैं रहते हैं परंतु कार्य नहीं होते, वहीं स्थानीय प्रशासन कस्बे की भौगोलिक स्थिति पर भी गौर नहीं करते जैसे राज्य के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल स्रोत को चालू करने की व्यवस्थाओं के आदेश दे रखे हैं

और फुलेरा क्षेत्र में कई कुएं पेयजल योग्य है परंतु स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के कारण यहां की जनता समस्या से जूझ रही है।समिति अध्यक्ष शेखावत ने बताया कि स्थानीय प्रशासन से जनता की विभिन्न प्रकार की जन समस्याओं के बारे में अवगत कराने के बावजूद भी प्रशासन ने आज तक कोई सहयोग नहीं किया ,इससे आमजन परेशान हो रहा है।इस अवसर पर चंद्रप्रकाश कटारा, मदन सिंह राठौड़, ओम प्रकाश सैनी, रिद्धकरण परेवा, शंकर सिंह, बुंदुखां, बजरंग सिंह, किशन सिंह नेरूका, किशन पवार,अमर सिंह,बाबूलाल मीणा, मनमोहन सैनी, गोविंद सिंह बडगूजर,मुकेश गनोलिया, दिलीप सुरोलिया शहीत दर्जनों लोग उपस्थित थे।