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सावित्रीबाई फुले अवार्ड 2025 से सम्मानित

सीनियर आरएएस श्रीमती कमला  ने अपने दम पर लहराया सफलता का परचम, समाज में कुछ अलग कर दिखाने के जज्बे ने दिलाई  सफलता

              *पत्रकार बाबूलाल सैनी*

लक्ष्मणगढ़। नामुमकिन को मुमकिन में बदलने का होंसला और जज्बा यदि मन में हो तो सफलता कदम चूमती ही है। कुछ ऐसी ही कहानी है हाल में सावित्रीबाई फुले अवार्ड 2025 से सम्मानित वरिष्ठ प्रशासनिक महिला अधिकारी की । कहते हैं प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती ।

कक्षा आठवीं में शादी होना,शादी के बाद पढ़ाई छूट जाना तथा पीहर और ससुराल पक्ष साधारण परिवार होते हुए भी अपने दृढ़ निश्चय व मजबूत बूलंद इरादें के बलबूते से प्राइवेट पढ़ाई करते हुए परिवार व बच्चों की बखूबी जिम्मेदारी संभालते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर अपने वर्ग में राजस्थान टाॅपर रहना न केवल काबिले तारीफ है बल्कि अपने दम पर सफलता का परचम लहराते हुए कीर्तिमान स्थापित कर रिकॉर्ड कायम करते हुए इतिहास रचाना परिवार,समाज व क्षेत्र के लिए गर्व व गौरव की बात है।
          यह किसी फिल्म की कहानी नहीं बल्कि शेखावाटी अंचल के मंडावा क्षेत्र की रहने वाली श्रीमती कमला आलडिया की । जिन्होंने अपने बूलंद इरादों के दम पर कामयाबी हासिल कर सफलता का परचम लहराया तथा समाज में कुछ अलग कर दिखाने के जज्बे ने सफलता दिलाई । सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी में मंडावा रोड़ पर एक साधारण परिवार में जन्मी कमला की शादी उस वक्त हो गई जब वो 8वीं कक्षा में अध्ययनरत थीं। उनकी शादी झुंझुनूं जिले के मंडावा में एक साधारण परिवार में हुई तथा इनके पति आरपीएस राजकुमार पुलिस विभाग में दबंग, निडर व ईमानदार अफसर के रुप में जानें जातें थे।  श्रीमती आलडिया की पढ़ाई शादी के बाद छूट गई। तथा घर परिवार व बच्चों की दोहरी जिम्मेदारी संभालते हुए श्रीमती आलडिया ने बच्चों व परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए प्राइवेट पढ़ाई करने का मानस बनाया तथा सफलता दर सफलता हासिल करते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा की तैयारी में जूट गई । प्रशासनिक अधिकारी बनने का दृढ़ निश्चय मन में कर लिया। कहते हैं ना कि जो मन में दृढ़ संकल्प कर तैयारी करते हैं उम्मीद को भगवान भी पूरी करते हैं। श्रीमती आलडिया के परिवार की यहां के श्रद्धा नाथजी महाराज में अटूट श्रद्धा और विश्वास है । पढ़ाई बीच में छूटना व बाद में प्राइवेट पढ़कर राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा को पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर अपने वर्ग में टाॅपर रहना बहुत बड़ी उपलब्धि है। प्रशासनिक अधिकारी के पद पर चयनित होने के दौरान एसडीएम, एडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दी इस दौरान बूंदी जिले के नैनवां में उपखण्ड अधिकारी के रूप में सराहनीय व उत्कृष्ट कार्य के लिए 2004 में जिला प्रशासन की ओर से गणतंत्र दिवस पर सम्मानित हुई। वर्तमान में श्रीमती आलडिया रेवेन्यू बोर्ड अजमेर मे सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। श्रीमती आलडिया की बेटी शालिनी राज राजस्थान पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी है तथा एएसपी के पद पर जयपुर में पदस्थापित है जबकि इनके सुपुत्र आदर्श राज इंजीनियर करने के बाद स्वयं का व्यवसाय कर रहे।

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